Wednesday, 27 September 2017

13---Oh ! My God The Reality Hidden Casteism -A Blot or Curse Imposed

कर्म से कोई भी ब्राह्मण बन सकता है यह भी उतना ही सत्य हे.इसके कई प्रमाण वेदों और ग्रंथोमें मिलते हे जेसे…..

(1)  ऐतरेय ऋषि दास अथवा अपराधी के पुत्र थेपरन्तु उच्च कोटि के ब्राह्मण बने और 
(2)   उन्होंने ऐतरेय ब्राह्मण और ऐतरेय उपनिषद की रचना कीऋग्वेद को समझने के लिए ऐतरेय ब्राह्मण अतिशय आवश्यक माना जाता है|
(3) ऐलूष ऋषि दासी पुत्र थे | जुआरी और चरित्र हीन भी थे | परन्तु बाद में उन्होंने अध्ययन किया और ऋग्वेद पर अनुसन्धान करके अनेक अविष्कार किये|ऋषियों ने उन्हें आमंत्रित कर के आचार्य पद पर आसीन किया | (ऐतरेय ब्राह्मण२.१९)
(4) सत्यकाम जाबाल गणिका (वेश्याके पुत्र थे परन्तु वे ब्राह्मणत्व को प्राप्त हुए |
(5) राजा दक्ष के पुत्र पृषध तपस्या करके उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया | (विष्णु पुराण ..१४)
(6) राजा नेदिष्ट के पुत्र नाभाग वैश्य हुए|पुनः इनके कई पुत्रों ने क्षत्रिय वर्ण अपनाया |
(विष्णु पुराण ..१३)
(7) धृष्ट नाभाग के पुत्र थे परन्तु ब्राह्मण हुए और उनके पुत्र ने क्षत्रिय वर्ण अपनाया | (विष्णु पुराण ..)
(8) आगे उन्हींके वंश में पुनः कुछ ब्राह्मण हुए|(विष्णु पुराण ..)
(9) भागवत के अनुसार राजपुत्र अग्निवेश्य ब्राह्मण हुए |
(10) विष्णुपुराण और भागवत के अनुसार रथोतर क्षत्रिय से ब्राह्मण बने |
(11) हारित क्षत्रियपुत्र से ब्राह्मणहुए | (विष्णु पुराण ..)
(12) क्षत्रियकुल में जन्में शौनक ने ब्राह्मणत्व प्राप्त किया |     (विष्णु पुराण ..

वायुविष्णु और हरिवंश पुराण कहते हैं कि शौनक ऋषि के पुत्र कर्म भेद से ब्राह्मणक्षत्रियवैश्य और शूद्र वर्ण के हुएइसी प्रकार गृत्समदगृत्समति और वीतहव्य के उदाहरण हैं |
(13) मातंग चांडालपुत्र से ब्राह्मण बने |
 (14) ऋषि पुलस्त्य का पौत्र रावण अपने कर्मों से राक्षस बना |
(15) राजा रघु का पुत्र प्रवृद्ध राक्षस हुआ |
(16) त्रिशंकु राजा होते हुए भी कर्मों से चांडाल बन गए थे |
to be continued by Archna Raj

Tuesday, 26 September 2017

Oh ! My God The Reality Hidden Casteism -A Blot or Curse Imposed: 01------Casteism:A Curse or Blot- The Other Way Ne...

Oh ! My God The Reality Hidden Casteism -A Blot or Curse Imposed: 01------Casteism:A Curse or Blot- The Other Way Ne...: Casteism A Curse Or Blot The Other Way  Neglected And Twisted                               E_Book  Archna...

12-Oh ! My God The Reality Hidden Casteism -A Blot or Curse Imposed

जो महर्षि मनु के अनुसार
 विधाता शासिता वक्ता मो ब्राह्मण उच्यते। 
तस्मै नाकुशलं ब्रूयान्न शुष्कां गिरमीरयेत्॥ अर्थात-शास्त्रो का रचयिता तथा सत्कर्मों का अनुष्ठान करने वालाशिष्यादि की ताडनकर्ता,वेदादि का वक्ता और सर्व प्राणियों की हितकामना करने वाला ब्राह्मण कहलाता है। 
अतउसके लिए गाली-गलौज या डाँट-डपट के शब्दों का प्रयोग उचित नहीं” (मनु; 11-35) - -महर्षि याज्ञवल्क्य  पराशर  वशिष्ठ के अनुसार
 “जो निष्कारण (कुछ भी मिले एसी आसक्ति का त्याग कर के).
वेदों के अध्ययन में व्यस्त हे और वैदिक विचार संरक्षण और संवर्धन हेतु सक्रीय हे 
वही ब्राह्मण हे.” (सन्दर्भ ग्रन्थ – शतपथ ब्राह्मणऋग्वेद मंडल १०पराशर स्मृति) –

भगवद गीता में श्री कृष्ण के अनुसार
 “शमदमकरुणाप्रेमशील (चारित्र्यवान),निस्पृही जेसे गुणों का स्वामी ही ब्राह्मण हे” 
और 
चातुर्वर्ण्य माय सृष्टं गुण कर्म विभागशः” (.गी-१३)
इसमे गुण कर्म ही क्यों कहा भगवान ने जन्म क्यों नहीं कहा? -

जगद्गुरु शंकराचार्य के अनुसार “ब्राह्मण वही हे जो “पुंस्त्व” से युक्त हे.जो “मुमुक्षु” हेजिसका मुख्य ध्येय वैदिक विचारों का संवर्धन हे
जो सरल हेजो नीतिवान हेवेदों पर प्रेम रखता हे
जो तेजस्वी हे,ज्ञानी हेजिसका मुख्य व्यवसाय वेदो का अध्ययन और अध्यापन कार्य हे,
वेदों/उपनिषदों/दर्शन शास्त्रों का संवर्धन करने वाला ही ब्राह्मण हे”(सन्दर्भ ग्रन्थ –
 शंकराचार्य विरचित विवेक चूडामणिसर्व वेदांत सिद्धांत सार संग्रह,आत्माअनात्मा विवेककिन्तु जितना सत्य यह हे की केवल जन्म से ब्राह्मण होना संभव नहीं हे


ArchnaRaj

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