अर्थात सामाजिक विशेषताओं/ विशिष्टताओं को सीमित दायरे में रखने की प्रथा, और सभी लोग जाति प्रथा को एक बंद प्रथा के रूप में परिभाषित करते हैं और तथा वर्ग विशेष से जुड़ने का प्रयास करते हैं जो किसी विशिष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए बनते और बिगड़ते हैं जाति यूं तो चींटी और मधुमक्खी अन्य के लिए भी प्रयुक्त की जाती रही है जो इस बात की तरफ इंगित करती है कि विशिष्ट कार्य एवं उसका संपादन निष्पादन तथा परंपराओं को निभाने प्रथाओं को निभाने उनका अनुपालन करने , कर्म करने वालों को एक विशेष जाति का पोषक मान लिया गयाI वास्तव में जा्ति शब्द स्पेनिश व पुर्तगाली भाषा “casta” से आया है जिसे 15वीं शताब्दी में एक विशेष समुदाय की पहचान करने के लिए प्रयुक्त किया गया अंग्रेजी मैं सर्वप्रथम यह 1603 में प्रयोग किया गया I
The Spanish and Portuguese -----casta according to the John
Minsheu's Spanish dictionary (1599), means "race, lineage, or
breed".[5] When the Spanish colonized the New World, they used the word to
mean a "clan or lineage."
जब पुर्तगालियों ने दूसरे देशों में जाकर अपनी कॉलोनी और आधिपत्य
स्थापित किया ,तब उन्होंने वहां के रहनेवाले लोगों को विशिष्ट पहचान के
आधार पर उनके कर्म के आधार पर और मान्यताओं ,प्रथाओं ,परंपराओं ,के
आधार पर मानने वाले समूह को ही जाति का नाम दिया और
हंसी की बात यही है कि जाति का हमारे देश में origin/ जन्म वर्ण से जोड़ा
जाता है जबकि दोनों में काफी अंतर है वर्ण कभी बंद प्रथा नहीं थी कोई भी
व्यक्ति किसी भी वर्ण में अपने कर्मों के आधार पर आगे पीछे चल सकता था ,बढ़ सकता था व समाज में अपना स्थान प्राप्त कर सकता था ,नहीं किसी तरह की दुर्भावना इस प्रथा में थी
ArchnaRaj
(09)
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