क्या आप जानते हैं ?
भारत की एकता की विकट सामाजिक समस्या जातिवाद है
इसे कैसे मिटाया जाए-
किसी ने कहा कि ------
1---रोटी और बेटी का संबंध हो और
2---पूर्व अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद अशोक सिंघल जी ने कहा था
कि यदि सभी लोग ब्राह्मण बन जाए
तो जातिवाद स्वतः ही खत्म हो जाएगा
अब तक हमने बड़े ही कलुषित एवं समाज को तोड़ने वाली बातें सुनी है
लेकिन जिसने भी जातिवाद पर लिखा उसने
1---जो भारतीय अध्यात्म है उस पहलू को नजरअंदाज कर दिया
जिसके कारण लोगों को इस विषय से न केवल महरूम रखा गया ,बल्कि उनके
दिल में जहर भी भर दिया गया
आज हम लोग प्राचीन भारत से 1947 तक जातिवाद के दूसरे पहलू पर भी नजर डालते हैं जो शायद अब तक आपकी और हमारी नजरों से दूर रहा!
फिर हम देखें और निर्णय लें कि क्या हमारे पूर्वज वास्तव में दोषी थे-------- एक तरफ विश्वबन्धुत्व की भावना है फिर घर में सामाजिक बुराई क्यों ? या
इतिहास विजेता का होता हैं जिसने सालों गुलाम बनाया ,वही अपने हिसाब से गति देके दिशा व दशा में परिवर्तन या अपवर्तन कर देता हैं और चाटुकार लेखक /कवि उसके इशारे पे नाचते हैं.
Archna
Raj
(03)
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