याद रखें ,
Shiva was born in the Kireet clan ,but He is the
basis of Sanatan and Hindu Dharma completely rejecting the theory of wedge
prevailing among us.and This has been given to us by our forefathers.
यदि जातिप्रथा इतनी दूषित होती तो निश्चित रुप से समाज कभी भी इन कलुषित
भावनाओं से नहीं उभर सकता था
वास्तविकता तो यही है कि सच्चाई को शासकों ने तोड़ा ,मरोड़ा ,दबाया ,दमन किया और
अपनी परंपराओं संस्कृति सभ्यता को हमारे ऊपर ठोपने का प्रयास निरंतर किया जो आज भी जारी है
महाभारत के कर्ता वेदव्यास और नारदमुनि के अनुसार
“जो जन्म से ब्राह्मण हे किन्तु
कर्म से ब्राह्मण नहीं हे
उसे मजदूरी के काम में लगा दो” (सन्दर्भ ग्रन्थ – महाभारत)
Did these examples show lower and higher castes
by birth?
There was never the concept of lower and higher
levels in the caste system as imposed
अंग्रेजों के षड्यंत्र के तहत दलित शब्द का प्रयोग 1921( for the first time )
किया गया
जो हमारे देश में आज भी वोट बैंक की राजनीति का शिकार हो रहा हैऔर
उनकी मंशा यही थी कि बहुसंख्यक हिंदुओं को उनकी गरीबी और अमीरी के आधार पर
बांट कर एक नए वर्ग का जन्म दिया जाए और क्योंकि उस समय मीडिया इतना सशक्त नहीं था समाज में जहर भरने के लिए शासक द्वारा तरह -तरह से हर प्रयास किया गया और कुछ समय बाद सब ने मान लिया कि
यही सत्य है और सारा दोष ब्राह्मणों के सर पर मड़ दिया गया
“The
word "Dalit" was coined by the British in 1921 to create an identity
designed as part of a design to destroy Brahmanism and so as to eradicate the
People of Dharma, replacing it with a Hinduism that would dance to their tunes
and bow to their ideas”.
ब्राह्मण कौन ?-ब्राह्मणों ने अपनी परिभाषा खुद ही दी है कि वही व्यक्ति ब्राह्मण हो सकता है
ArchnaRaj
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